राफेल लड़ाकू विमान: फीचर्स, फैक्टस, जानकारी | Rafale Fighter Plane Features In Hindi

आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हम Rafale से जुड़ी कुछ ऐसी facts के बारे में जानने वाले हैं जिनके बारे में आपको शायद ना पता हो। इसके साथ ही हम, राफेल लड़ाकू विमान: फीचर्स, फैक्टस, जानकारी” को भी जानेंगे।

काफी लंबे समय से हम करोना जैसी महामारी से जूझ रहे हैं जो कि कहीं ना कहीं चीन की ही देन है और पिछले कुछ समय से जिस तरह से बॉर्डर पर चीनी और भारतीय सेना के बीच तनाव जारी है उस से माहौल और भी ज्यादा बिगड़ता चला जा रहा है।

हालांकि इस बार भारतीय सरकार और भारत के लोग इस चीज में बिल्कुल भी रियायत नहीं बरत रहे हैं एक तरफ जहां सरकार भारी मात्रा में सेना और हथियारों को बॉर्डर पर तैनात कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ भारतीय लोग चीनी सामान का बहिष्कार करके चाइना को आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश में भी लगे हुए हैं।

इसी की पहल में भारतीय सरकार ने LAC पर 35000 सैनिकों को तैनात किया है और फ्रांस से Rafale नाम के फाइटर एयरक्राफ्ट को भी मंगवाया है जिससे कि भारतीय वायु सेना और भी मजबूत हो सके।

Rafale Ladaku Viman Ki Khasiyat In Hindi

➡️ राफेल जिसका पूरा नाम Dassault Rafale है यह एक फ्रांसीसी फाइटर एयरक्राफ्ट है जोकि 1,389 km/h रफ्तार से आसमान में उड़ सकता है और राफेल का कॉम्बैट रेडियस 3700 KM है, कॉम्बैट रेडियस यानी अपनी उड़ान स्थल से जितनी दूर विमान जाकर सफलतापूर्वक हमला कर लौट सकता है, उसे विमान का कॉम्बैट रेडियस कहते हैं।

➡️ भारत वाले राफेल में तीन तरह की मिसाइल लग सकती हैं। हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर, हवा से जमीन में मार करने वाल स्कैल्प और हैमर मिसाइल से लैस होने के बाद राफेल दुश्मनों पर बिजली की तरह टूट पड़ेगा।

➡️ राफेल एक मिनट में 18 हजार मीटर की ऊंचाई पर जा सकता है. यह पाकिस्तान के F-16 और चीन के J-20 से बेहतर माना जा रहा है। भारत ने अपनी जरूरत के हिसाब से इसमें HAMMER मिसाइल लगवाई है।

➡️ HAMMER meaning हिंदी में, Highly Agile Modular Munition Extended Range होता है यह एक ऐसी मिसाइल है, जिनका इस्तेमाल कम दूरी के लिए किया जाता है ये मिसाइल आसमान से जमीन पर वार करने के लिए कारगर साबित हो सकती हैं।

➡️ Rafale विमानों का सौदा भारत और फ्रांस के बीच में हुआ है और इस डील पर साल 2016 में हस्ताक्षर किया गया था। डील के तहत भारत को 36 राफेल विमान मिलेंगे और इसकी कुल कीमत तकरीबन 58 हजार करोड़ रुपये होगी।

➡️ इस समझौते को लेकर काफी विवाद भी रहा है, खासकर कांग्रेस पार्टी ने इस डील को लेकर सरकार को कई बार घेरा है. कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा सरकार की डील महंगी है जबकि उनके जमाने में ये विमान सस्ती दर पर खरीदने की बात हुई थी।

➡️ फरवरी 2021 तक जाकर राफेल विमान पूरी तरह से ऑपरेशनल होंगे। राफेल विमान को फ्रांस ने भारतीय वायुसेना के हिसाब से बनाया है, जिसमें भारत की जरूरतों का ध्यान रखा गया है भारत को जो राफेल मिला है उसका टेल नंबर RB001 है।

➡️ राफेल 4.5 जनरेशन का लड़ाकू विमान है जो भारतीय वायुसेना में एक तरह से बड़ा बदलाव लाएगा। इस विमान में 24500 किग्रा भार ढोने की क्षमता है।

➡️ साथ ही विमान के जरिए एक साथ 125 राउंड गोलियां दागी जाती हैं जो किसी को कुछ सोचने से पहले उसका काम तमाम कर सकती हैं।

➡️ Rafale विमान को वायुसेना की गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन में शामिल किया जाएगा। यह स्क्वाड्रन काफी प्रसिद्ध है जिसने करगिल युद्ध में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

➡️ गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन भारत की सबसे पुरानी स्क्वाड्रन में से एक है. अंबाला में राफेल विमानों की तैनाती होने जा रही है आपको बता दें, अंबाला एयरबेस देश का सबसे पुराना और विश्वसनीय एयरबेस है।

➡️ एयरफोर्स ने राफेल की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और राफेल से जुड़े सभी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हैं यहां तक कि पायलटों को इसकी खास ट्रेनिंग भी दे दी गई है।

➡️ Rafale का पहला स्क्वाड्रन अंबाला में इसलिए तैनात किया जा रहा है क्योंकि इस जगह का खास रणनीतिक महत्व है। यहां से भारत-पाकिस्तान बॉर्डर महज 220 किमी की दूरी पर है। राफेल का दूसरा स्क्वाड्रन पश्चिम बंगाल के हसिमारा में तैनात किया जाएगा।

➡️ एक चीज और जो इस डील को और भी ज्यादा महत्वपूर्ण बनाती है वह है offset clause (एक ऐसी शर्त जो इस करार का हिस्सा है लेकिन इस्तेमाल दूसरी जगह होगा) के मुताबिक, फ्रांस इस करार की कुल राशि का करीब 50 फीसदी भारत में रक्षा उपकरणों और इससे जुड़ी दूसरी चीजों में निवेश करेगा।

➡️ बीते कुछ समय से सेना के तीनों अंगों के लिए हथियारों, विमानों, हेलीकॉप्टरों तथा अन्य साजो-सामान की खरीद की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है।

➡️ जल्दी ही रूस से मिग और सुखोई विमानों का आना भी तय है। नौसेना भी अपने बेड़े के लिए लड़ाकू विमानों के उड़ने-उतरने की सुविधाओं से लैस तीसरा युद्धपोत हासिल करने की कोशिश में है। दूसरा युद्धपोत पहले से ही खरीदा जा चुका है, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से वह अब सितंबर में शामिल हो पायेगा।

➡️ Dassault Rafale का महत्व इसलिए भी है कि लंबे समयके बाद पहली बार रणनीतिक रूप से आवश्यक युद्धकों को वायु सेना में शामिल किया गया है।


✅ तो दोस्तों यही थे राफेल लड़ाकू विमान: फीचर्स, फैक्टस, जानकारी , मै उम्मीद करता हूं कि आपको यह facts पसंद आए होंगे। इसके साथ ही यदि आपका हमारी इस ब्लॉग पोस्ट, Rafale Fighter Plane Features In Hindi से जुड़े सुझाव, सवाल या फिर शिकायत को भी कमेंट में साझा कर सकते हैं।

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