20 Yuvraj Singh Interesting Facts In Hindi

दोस्तों जब कभी भी युवराज सिंह का नाम दिमाग में आता है तो एक ऐसे धाकड़ बल्लेबाज की छवि दिमाग में उभरती है जो हर बॉल को अपने बल्ले से बाउंड्री के उस पार भेजने की ताकत रखता है।

जिसने क्रिकेट ग्राउंड पर तो अपने शानदार खेल से लोगों का दिल जीता ही, साथ ही में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को मात देकर काफी सारे लोगों के लिए प्रेरणा, और हौसला अफजाई का कारण बने।

भले युवराज सिंह ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया लेकिन लोगो के दिलों में उनकी जगह हमेशा रहेगी। उन्होंने कई कारनामे किये है जिसके लिए उनका नाम सुनहरे अक्षरों में हमेशा के लिए कैद हो गया हैं।

इसी के चलते आज की  इस ब्लॉग पोस्ट में हम युवराज सिंह से जुड़े कुछ ऐसे interesting facts के बारे में जाने वाले हैं जिनके बारे में शायद आपको ना पता हो।

Yuvraj Singh Interesting Facts In Hindi

✅ युवराज सिंह का जन्म 12 दिसंबर 1981 को पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह और शबनम सिंह के यहा चंडीगढ़ में हुआ था। युवराज सिंह का एक भाई है जिसका नाम जोरावर सिंह है और हॉलीवुड एक्ट्रेस हेजल कीच इनकी पत्नी हैं। युवराज सिंह को भारत सरकार ‘अर्जुन अवार्ड’ से सम्मानित कर चुकी है। साल 2014 में सरकार ने इन्हें पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया था। लोग इन्हें प्यार से युवी कहकर बुलाते हैं।

✅ युवराज सिंह को बचपन में क्रिकेट पसंद नहीं था वो टेनिस और फुटबॉल खेलते थे साथ ही स्केटिंग भी किया करते थे। युवी ने स्केटिंग की अंडर-14 कैटिगरी में गोल्ड मेडल जीता हुआ है। लेकिन पिता योगराज उन्हें क्रिकेटर बनाना चाहते थे।

✅ युवराज ने पिता का सपना पूरा किया और पिता से ही क्रिकेट की ट्रेनिंग ली। युवराज सिंह की स्कूलिंग DAV स्कूल, चंडीगढ़ से हुई। उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट दो फिल्मों ‘मेहंदी सगण दी’ और ‘पट सरदार’ में भी काम किया।

✅ युवराज सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 11 साल की उम्र में पंजाब अंडर-12 से नवंबर 1995-96 में जम्मू कश्मीर-16 के खिलाफ की थी। 1999 के अंडर-19 में युवराज सिंह ने पंजाब की तरफ से खेलते हुए 404 गेंद पर 358 रन की पारी खेली थी।

✅ अंडर-19 वर्ल्ड कप में बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत युवराज सिंह को ICC Knock Out Trophy के लिए टीम इंडिया में जगह मिली। यहां से उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और kenya के खिलाफ पहला वनडे मैच खेला। अक्तूबर 2013 से युवराज ने इंटरनेशनल टेस्ट मैच में डेब्यू किया। युवराज सिंह अंडर-19 वर्ल्ड कप में चैंपियन बनने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे हैं।

✅ युवराज ने बचपन में एक पंजाबी फिल्म में भी काम किया था। उन्होंने पंजाबी फिल्म ‘मेहंदी शगना दी’ में काम किया था। इस फिल्म में युवी के पिता और पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह भी थे। युवराज के पिता भी कई हिंदी और पंजाबी फिल्मों के काम कर चुके हैं। योगराज सिंह मिल्खा सिंह के जीवन पर बनी हिंदी फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ में नजर आए थे।

✅ वर्ल्ड कप 2011 के बाद युवराज की सेहत से जुड़ी जो खबर सामने आई थी, उसने उनके फैन्स और भारतीय टीम को सदमा सा दे दिया था। युवराज सिंह के फेफड़े में कैंसर ट्यूमर डिटेक्ट हुआ था और उन्हें इसके इलाज के लिए लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था।

✅ युवराज इस ट्यूमर की पीड़ा के साथ ही वर्ल्ड कप में खेले थे और उन्होंने तब यह बात किसी को जाहिर नहीं की थी। तब वह भारत के लिए हर मैच में खुद को लगातार साबित कर रहे थे। युवराज को इस बात से डर लगता था कि वह अब कभी क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे, लेकिन उन्होंने इंटरनैशनल क्रिकेट में वापसी भी की। इसके बाद उन्होंने कैंसर के मरीजों की मदद के लिए YouWeCan नाम की संस्था बनाई।

✅ युवराज ने भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 T20 international मैच खेले। युवी ने टेस्ट में 33.92 के औसत से 1900 रन बनाए, इसमें तीन century और 111 half century शामिल रहे। उन्होंने One Day International मैचों में 8701 रन बनाए हैं, जिसमें 14 century और 52 half century हैं।

✅ युवराज सिंह अपनी स्पिन गेंदबाजी के लिए भी लोकप्रिय हैं। टेस्ट क्रिकेट में 9, वनडे इंटरनेशनल में 111 और टी20 इंटरनेशनल में 28 विकेट उनके नाम पर हैं। युवराज ने अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज अक्टूबर 2000 में नैरोबी में केन्या के खिलाफ वनडे मैच खेलकर किया था। उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच अक्टूबर 2003 में अपने होमग्राउंड मोहाली में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था।

✅ युवराज सिंह का शादी ब्रिटिश की हेजल कीच से हुआ है। नवंबर 2015 को युवराज और हेजल की सगाई हुई थी। बाद में वर्ष 2016 में इन दोनों का शादी हुई। युवराज सिंह के दो भाई, दो मां और एक बहन है। इनके साथ युवराज सिंह के संबंध काफी अच्छे हैं। युवराज सभी के काफी करीब हैं और मिलजुल कर रहते हैं।

✅ युवराज और जोरावर की अपने सौतेले भाई-बहन के साथ काफी अच्छी बॉन्डिंग है। उनकी पहली मां का नाम शबनम है और दूसरी का नाम सतवीर कौर। जब युवराज छोटी उम्र के थे तो पारिवारिक झगड़ा के चलते उनके पिता ने अपनी पहली पत्नी शबनम को तलाक दे दिया था।

योगराज सिंह ने खुलासा करते हुए कहा कि शबनम और उनमें मतभेद होने लगे थे। वह एक सिख किसान परिवार से थे, तो शबनम एक मुस्लिम बिजनेसमैन की बेटी थी। युवराज अपनी मां शबनम के साथ ही रहते थे।

✅ T20 international world Cup 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने महज 12 गेंदों पर हाफ सेंचुरी ठोक थी दी, जो टी20 इंटरनैशनल का आज भी वर्ल्ड रेकॉर्ड है।

यह T20 इंटरनैशनल में पहला और सभी फॉर्मेट की क्रिकेट में चौथा मौका था, जब किसी बल्लेबाज ने एक ओवर की छह गेंदों पर लगातार छह छक्के लगाए हों। इतना ही नही तेज गेंदबाज को लगातार 6 छक्के मरने वाले युवराज सिंह दुनिया के अकेले बल्लेबाज हैं।

✅ युवराज “12” को अपना लकी नंबर मानते हैं और इस नंबर की जर्सी भी पहनते थे। रोचक बात यह है कि टी-20 इंटरनैशनल क्रिकेट में उनके नाम 12 गेंदों में वर्ल्ड रेकॉर्ड फिफ्टी भी है।

✅ एक ओर जहां इस दिग्गज ऑलराउंडर की बड़ी fan following  है तो दूसरी और वह खुद सचिन तेंडुलकर के बड़े फैन हैं। वह कई बार तो मैदान में भी सचिन का पैर छूते देखे गए हैं।

✅ टीम इंडिया की वर्ल्ड कप 2011 जीत में वह सबसे बड़े हीरो साबित हुए थे और इस टूर्नमेंट में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से खुद को बार-बार साबित किया था। उस World Cup में उनके शानदार खेल के लिए उन्हें Man of The Tournament चुना गया था। इस वर्ल्ड कप में उन्होंने 362 रन और 15 विकेट अपने नाम किए थे।

✅ सन 2013 में युवराज ने अपनी Autobiography, “The Test of My Life” लिखी थी जिसमें क्रिकेट से लेकर कैंसर तक का सफर के बारे में लिखा।

✅ युवराज सिंह पहले आल राउंडर है जिसने सिंगल वर्ल्डकप में 300 से ज्यादा रन और 15 से ज्यादा विकेट्स लिए है।

✅ 2012 में भारत के राष्ट्रपति के द्वारा भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल रत्न अर्जुन अवार्ड से युवराज सिंह को नवाजा गया था। इसके अलावा 2014 में युवराज सिंह को पदम्श्री अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।

✅ 2015 में युवराज को दिल्ली डेरडेविल्स ने 16 करोड़ में ख़रीदा जो सबसे महंगा खिलाडी था। जो कि किसी भी खिलाड़ी को IPL में खरीदने के लिए लगाई गई सबसे महंगी बोली थी।

✅ दिलचस्प बात यह है कि युवराज भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जो विश्व कप की 3 सफल प्रतियोगिताओं का हिस्सा रहे हैं। 2000 में ICC U19 विश्व कप में, उन्होंने प्लेयर ऑफ द सीरीज जीता। 2011 विश्व कप में उन्होंने फिर से प्लेयर ऑफ द सीरीज जीता।


इस बात में कोई शक नहीं कि युवराज सिंह अपने दौर के सबसे शानदार खिलाड़ियों में से एक रहे हैं यही कारण है कि आज भी लोग उनके दीवाने हैं युवराज सिंह ने ना केवल ground पर बल्कि real life में भी जिंदगी की race को जीत कर दिखाया।

तो दोस्तों आज के ब्लॉग पोस्ट में बस इतना ही उम्मीद करता हूं। कि आपको Yuvraj Singh amazing facts पसंद आए होंगे।

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